शुक्रवार, 11 जून 2010

रेडियो फीचर ' एक ज़माना बीत गया ' प्रस्तुतकर्ता राजेश चड्ढा


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8 टिप्‍पणियां:

  1. भई....गज़ब का काम किया है...मेरा रेडियो ब्लॉग बनाकर...मेरी हार्दिक बधाई....

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  2. रेडियो फीचर ' एक ज़माना बीत गया....वाकई सुनके लगा जमाना बीत गया..जब हम अपने बुजुर्गों से मिले हउवे............धीरे धीरे सारी पोस्टें सुनता पढता हूँ.................शुक्रिया...............

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  3. wah ji wah chadha saheb....aaj sunene ko mili aapki dabang aawaaz......radio kraanti dubaaraa aayegi.....mere ko achhi trah yaad hai Binaakaa geetmala sunte the ham radio silong par.....aur ek aur rochak baat hai patta nahi logo ko yaad hai ke nahi....jab radio ke bhee lysence hote the....

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  4. great Rajesh chadda ji .......... nice work you have put up here .. Baat es adb se krta hai ki woh .. Baat ko phool bna deta hai >>
    Sukhdev Abohar

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  5. Radio to sada hi sunte hain.aaj radio net par bhi pahuncha hai.achchha lga.

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  6. बहुत ही मन के करीब है ये रूपक ....सूत्रधार ....सूत्र ....और गायकी ... लयबद्ध आवाज़ .... है इसे ...जब भी जितनी बार भी सुनती हूं ....आँखें नम हुए बिना नही रहती ...सभी सूत्र ..सच और जीवन की हकीकतों से जुड़े जूझते हुए ....उनकी आँखों की नमी ..बहुत कुछ कहती हुई ....
    वो सिसकियाँ जो घुटती रहती है भीतर ही भीतर ....
    एक पोर का स्पर्श बहा ले गया वो बाँध सारे ......

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  7. आवाज के जादूगर को बहुत दिनों बाद सुनकर बहुत अच्छा लगा................जब अपने गांव घमण्डिया जाता हूं तो जरूर सुनता हूं।’मिट्टी दी खुश्बू तो दादा जी सहित पूरा परिवार बहुत चाह कर सुनता है।राजेश चढ्ढा जी को बहुत धन्यवाद।

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